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क्लीनो
ग्लाइफोसेट 41प्रतिशत एस.एल.

क्लीनो गैर-चुनिंदा खरपतवारनाशी है और इसका उपयोग फसलों के मध्य में व गैर-कास्त भूमियों में सभी प्रकार की वार्षिक, द्विवार्षिक व बहुवार्षिक खरपतवारों, झाड़ियों व झुरमुटों आदि अनेको वनस्पतियों को नष्ट करने में किया जा सकता है। क्लीनो पानी में धुलने वाला रसायन (अम्ल) है जोकि वनस्पतियों के पत्तियों व जड़ों द्वारा सोख लिये जाने के बाद जड़ सहित समूचे में फेल जाता है। क्लीनो से उपचारित वार्षिक खरपतवारें 3 से 4 दिन व बहुवार्षिक खरपतवारे 7 से 10 दिन बाद पीली पड़ कर सूखने लगती हैं। क्लीनों के उपयोग द्वारा मोथा जैसी जड़ों में गॉठ (राईजोम) वाली एवं गहरी जड़ों वाली खरपतवारों की जड़ें गलने से उनके प्रभावी नियंत्रण होता है। गाजरधास, टाइफा जैसी अति जिद्दी वनस्पतियों के लिए क्लीनों का एक से अधिक बार उपयोग करने की आवश्यकता होती है।

 
उपयोग तालिका
प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष
कपास इटसिट, मकड़ा, तांदला आदि खरपतवारें 1.25 लीटर

बिजाइ के 6 से 8 सप्ताह बाद, कपास के पौधों की ऊँचाई 40 से 45 सेमी होने पर 100 से 120 लीटर पानी में घोल कर कतारों के मध्य केवल खरपतवारों पर भूमि की सतह से 15 से 20 सेमी ऊपर फ्लेट फेन नॉजल का प्रयोग करते हुए छिड़कें।

बाग-बगीचे सभी प्रकार की वार्षिक व बहुवार्षिक खरपतवारों व झुरमुटों के लिए 1.25 लीटर फल-वृक्षों की कतारों के मध्य में जड़ों से दूरी बनाते हुए शान्त मौसम में स्प्रे नॉजल पर हुड़ लगा कर केवल खरपतवारों पर ही छिड़के।
नहर, सड़क की पटरियों, गैर-कास इलाके उपरोक्त 1 लीटर  (प्रति 100 लीटर पानी के घोल में  प्रयोग करे) शांत मौसम में छिड़काव करें और स्प्रे की फुआरें पास वाली फसलों पर न पड़ने दें।
 
क्लीनो द्वारा नियन्त्रित खरपतवार
गाजर या कांग्रेस घास

पीली बूटी 

मोथा

 
फूली / नीलम 

स्वांकी

 
उत्तम उत्पाद

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