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लिडो
बूटाक्लोर 50 प्रतिशत ई.डब्ल्यु.

लिडो धान की फसल का चुनिंदा खरपतवारनाशक है। इसकी पानी में फेलने वाली संरचना होने के कारण इसके उपयोग करते समय खेत में पानी का भरा रहना आवश्यक नहीं है बल्कि खेत में नमी का रहना ही काफी है। अतः लिडो के उपयोग से धान के खेतों में कम पानी की स्थिति में भी साल दर साल उगने वाली खरपतवारों का उनके अंकुरण से पहले ही बेहिचक नियंत्रण किया जा सकता हैं।

 
उपयोग तालिका
प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़ )
विशेष
धान (रोपा हुआ) सांवक, मोथा, मस्टा,कोंदो, कनकी, टाकरी, भांगरा, मोचकंद आदि वार्षिक खरपतवारें 1.0 से 1.2 लीटर धान रोपाई या बुआई के 4 दिन के अंदर 250 से 500 लीटर पानी में  घोल कर फसल पर समान रूप से छिड़काव करें।
 
सावधानियां -
  • लिडो के प्रयोग करने समय खेत में थोड़ी नमी अवश्य होनी चाहिऐ। जमीन की सतह सूखी होने पर इसकी खरपतवार नियंत्रण करने की क्षमता में कमी आती है।
  • इसका उपयोग धान की रोपाई के चार दिन के भीतर अवश्य करें, इसके बाद या खरपतवारों के अंकुरण के पश्चात इसका प्रयोग करने पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगें।
  • लिडो का छिड़काव करते समय छिड़काव यंत्र में फ्लेट फेन या फ्लड जेट नॉजल का ही प्रयोग करें व खेत में एक समान छिड़काव करें।
  • छिड़काव करते समय सुरक्षात्मक कपड़े पहनें व चेहरे पर मास्क का प्रयोग करें।
  • तेज हवा में छिड़काव न करें व सामान्य स्थिति में हवा की दिशा की ओर बढते हुए छिड़काव करें।
 
लिडो द्वारा नियन्त्रित खरपतवार

मोचकंद

कोदो

मकड़ा घास

 
स्वांकी

हजारदाना

 
उत्तम उत्पाद

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