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प्रेटिलावीर
प्रिटिलाक्लोर 50 प्रतिशत ई.सी.

प्रेटिलावीर अंकुरण पूर्व एक चुनिंदा खरपतवारनाशी है। यह रसायन धान की फसल में उगने वाली खरपतवारों के बीजों के अंकुर द्वारा त्वरित अवशोषित हो, उनके कोष-विभाजन की क्रिया को अवरूद्ध कर उनको पनपने ही नहीं देता है जिससे वे नष्ट हो जाते है। प्रेटिलावीर का प्रयोग अधिकांश घास कुल व चौड़ी पत्तियों वाली वार्षिक खरपतवारों के उगने से पूर्व एवं उनके उगने के बाद की प्रारंभिक अवस्था जैसी दोनों स्थितियों में किया जा सकता है।

उपयोग तालिका
प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष
धान सांवक, मोथा, मस्टा,कोंदो, कनकी, टाकरी,भांगरा, मोचकंद, छोटी साँई, बडी साँई,जंगली मंडुआ, मुटमुर,अमेरिकन घास, मोथा,झिरूवा, केना, हुकवा आदि वार्षिक खरपतवारें 600 मि.ली. पौध रोपण के 2 से 3 दिन के भीतर  50 से 60 किलो खेत की मिट्टी के  साथ प्रिटिलावीर को मिला कर  समान रूप से खेत में भुरके। खरपतवारनाशी प्रयोग के समय  खेत में 3 से 4 से.मी. पानी लगभग  अगले 72 घंटे तक खडा रहना चाहिऐ।
 
टिप्पणी
  • प्रेटिलावीर को उपयोग हेतु मिट्टी में मिलाते व खेत में बिखेरते समय हाथ में दस्ताने या अन्य सुरक्षात्मक उपाय का अवश्य प्रयोग करें।
प्रेटिलावीर द्वारा नियन्त्रित खरपतवार

घुइन

सांवा

कीना

कोदो

मोचकंद

पानी घास

उत्तम उत्पाद

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