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ज़ोरो
क्लोरिम्यूरॉन ईथाइल 25 प्रतिशत डब्लु.पी.

ज़ोरो छिड़काव के तुरंत बाद पौधों में अवशोषित हो कर उनमें प्रोटीन बनने की क्रिया को अवरोधित करता है जिससे खरपतवार के पौधे एक सप्ताह से दस दिन के भीतर पूर्णतः नष्ट हो जाते हैं। इसका प्रयोग फसल में खरपतवार उगने के पश्चात किया जाता है।

 
उपयोग तालिका
प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष
सोयाबीन जंगली चौलाई, दोदख,बोखना, हुलहुल,इटसिट, आदि  15 ग्राम  (एक पैकेट) सोयाबीन की 4 से 6 पत्ती अवस्था व खेत में पर्याप्त नमी की स्थिति में फ्लेट फेन नोजल का प्रयोग करते हुए छिड़काव करें।
 
घोल बनाने की विधि
ज़ोरो का एक पैकेट (15 ग्राम) 500 मि.ली. पानी में घोल कर उसमें ज़ोरो के साथ दिया गया 250 ग्राम सरफेक्टेन्ट मिलाऐ। इस प्रकार से 750 मि.ली. मूल घोल (स्टाक सोल्यूसन) बनाऐ। अब 15-16 लीटर वाले स्प्रे टेंक को साफ पानी से आधा भरने के बाद उसमें 100 मिली मूल-घोल नाप कर डालें व स्प्रेटेंक के शेष रिक्त भाग भी पानी से भर कर छिड़काव करे।
 
सावधानी -
ज़ोरो का प्रयोग ठण्डे समय में करें व अधिक तापमान व नमी की स्थिति में ज़ोरो का प्रयोग न करें।
 
ज़ोरो द्वारा नियन्त्रित खरपतवार

जंगली चौलाई

हुलहुल

स्वांक

इटसिट

मकड़ा घास

दोदख

     
     
उत्तम उत्पाद

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