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एक्टो
ऐसिटामिप्रिड 20 प्रतिशत एस.पी
एक्टो निओ-निकोटिनाइड के साईनो-अमाइड़ रसायनिक समूह का अन्तःप्रवाही व सम्पर्क कीटनाशक है। यह अनेक फ़सलों, फल व सब्जियों पर पौधों से रस चूसने वाले हानिकारक कीड़ों के लम्बे समय तक नियंत्रण में प्रभावी है। एक्टो कीड़ों के सीधे सम्पर्क में आने पर एवं इसके छिड़काव उपरान्त फ़सल से रस चूसने वाले कीटों को नष्ट करने में सक्षम होने के कारण चेपा, हरा तेला, सफेद मक्खी आदि कीटों के वयस्क व शिशु दोनों पर ही अत्यन्त प्रभावी रहता है।
यह कीटनाशक कम विषाक्त होने के साथ ही बहुत कम मात्रा में उपयोग के कारण स्तनधारी जीवों एवं मित्रकीटों के लिए कम हानिकारक है।

उपयोग तालिका
प्रमुख फ़सलें नियंत्रित होने वाले कीट मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष

गेहूँ ,जौं, सरसों व चना, सौफ, जीरा, धनिया, कुसुम,  ईसबगोल,बरसीम,रिजका आदि

चेपा (एफिड)

 

40 से 50 ग्राम

फ़सल की अवस्था के अनुसार 100 से 160 लीटर पानी के घोल का उपयोग करें।

नींबू वर्गीय फल, आडू व गोभी  कुल की साग-सब्जियां

चेपा, लीफमाइनर  सिट्रस सिल्ला आदि रस चूसने वाले कीट

कपास
 
हरा तेला (जैसिड़), चेपा
(ऐफिड), चूरडा (थ्रिप्न)
आदि रस चूनने वाले
कीट
40 से 50 ग्राम फ़सल की अवस्था के अनुनार 100  से 160
लीटर पानी के घोल का उपयोग करें।
 
ग्वार, मूंग,सोयाबीन जैसिड़, चेपा
धान पत्ती व पौधों का तेला (हॉपर)
 
40 से 50 ग्राम पत्तितों व तने की ओर स्प्रे नॉजल रखते हुए
100  से 150 लीटर घोल बना कर छिड़काव करें।
सावधानियां - फ़सल या चारा कटाई के पन्द्रह दिन पूर्व इस कीटनाशक का उपयोग न करें।
 

एक्टो द्वारा नियंत्रित कीट

सरसों का चेपा

गोबी पर चेपे का प्रकोप

नींबू वर्गीय फलों व आडू का चेपा   

जौ का चेपा

गेहूँ में चेपे का प्रकोप

आलू में चेपा का प्रकोप

उत्तम उत्पाद

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