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वीर सल्प डी.पी.
सल्फर 85 % चूर्ण
वीरसल्फ गंधक का महीन पीसा हुआ चूर्ण है। यह विभिन्न फसलों में छाछिया रोग व फसल को हानि करने वाली मकड़ियों के नियंत्रण एवं क्षारीय मृदा के सुधार के लिए एक आदर्श कृषि आदान है।
 
उपयोग तालिका
प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले रोग मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष

फफूंदनाशक के रूप  में

आलू, जीरा, धनिया, सोंफ, साग सब्जियाँ, अंगूर चूर्णी फफूंद (पाउडरी मिल्ड्यू), स्केब 6 से 8 किलोग्राम भुरकाव यंत्र की सहायता से सुबह के समय शान्त मौसम में एक समान भुरकें।

मकड़ीनाशक के रूप में

गेहूँ, जौं, टमाटर, बगैं न, भिण्डी, एवं कद्दू वर्गीय व ककड़ी वर्गीय सब्जियाँ मकडियां   8 से 10 किलोग्राम उपरोक्त

क्षारीय मृदाओं के सुधार के लिए

सभी फसलों में व फलों के बागों में क्षारीय मृदा जिनका पी.एच. मान 8.5  से अधिक   मृदा परीक्षण के आधार पर सुझाई गई मात्रा फसल बिजाई के 25 से 30 दिन पूर्व मिट्टी में भली भाति हल से मिला कर सिंचाई दें।
 
सावधानियां
  • वीरसल्फ का फसलों पर भुरकाव करते समय नाक व आंख की सुरक्षा के लिए मुंह में मास्क व आखों के लिए उपयुक्त चश्मे का प्रयोग करे।
  • अधिक तापमान या तेज धूप में भुरकाव न करें।
उत्तम उत्पाद

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