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पेनवीर
पेन्डीमेथालीन 30 प्रतिशत ई.सी.
पेनवीर खरपतवारों के अंकुरण पूर्व प्रयोग हेतु सलेक्टिव (चुनिंदा) खरपतवारनाशी है। यह खरपतवारों के पौधों में उनके कोश-विभाजन की क्रिया को अवरूद्ध कर उनको पनपने ही नहीं देता है। पेनवीर का प्रयोग अधिकांश वार्षिक खरपतवारों के उगने से पूर्व किया जा सकता है। पेनवीर पानी के साथ घुल कर भूजल को प्रदूषित नहीं करता है। पेनवीर का अपगठन प्रकृति में कुछ काल बाद सूर्य के प्रकाश व वाष्पीकरण द्वारा होने से अगली फसल पर इसका कोई दुःप्रभाव नहीं होता है।

उपयोग तालिका

प्रमुख फसलें  नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़)
विशेष
गेहूँ, चना (सिंचित), मटर, जायद मूंग बथुआ, चौलाई, प्याजी आदि वार्षिक खरपतवारें 1.2 से 1.3 लीटर चने की गहरी बिजाई करे व बिजाई के 2 दिन के भीतर 160 लीटर घोल बना कर छिडके
धान सांवक, मोथा, मस्टा ,कोंदो, कनकी, टाकरी,भांगरा, मोचकंद मघ्यम मिट्टी - 1.2 लीटर भारी मिट्टी -1.3 लीटर सीधी बुवाई अथवा पौध रोपण के 2 से 3 दिन के भीतर 50 से 60 किलो खेत की मिट्टी के साथ पेनवीर की वांछित मात्रा को मिला कर समान रूप से खेत में भुरके। खरपतवारनाशी प्रयोग के समय खेत में 3 से 4 सेमी पानी लगभग अगले 72 घंटे तक खडा रहना चाहिऐ।
कपास चौलाई, तांदला, पत्थरचट्टा, जंगली कौंदो आदि 1.2 से 1.3 लीटर फसल बुवाई के 24 से 48 घंटे बाद 200 से 250 लीटर पानी में घोल कर फ्लेट फेन नॉजल की सहायता से छिडकाव करें।
मूंग, अरहर, सोयाबीन,मूंगफली इटसिट, तांदला, पत्थरचट्टा,भाखडा 1.2 से 1.3 लीटर फसल बुवाई के 24 से 48 घंटे के भीतर 200 लीटर पानी में घोल कर फ्लेट फेन नॉजल की सहायता से छिडके।
ग्वार 750 मिली
मसूर 600 मिली
गन्ना चौलाई, तांदला, पत्थरचट्टा 1.2 से 1.3 लीटर बुवाई हेतु गन्ने के टुकडे दबाने के 24 से 48 घंटे के भीतर 225 लीटर पानी में घोल कर प्रयोग करें।
 

पेनवीर से नियंत्रित होने वाले कुछ खरपतवारें के चित्र 

कृष्ण नील मंडूसी चटरी
उत्तम उत्पाद

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