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ज़ेटो
फिनोक्साप्रोप-पी-ईथाइल  10 प्रतिशत ई.सी.
ज़ेटो ऐरिलोक्सी फिनोक्सी-प्रोपिओनेट श्रेणी का चुनिंदा स्पर्ष व अर्न्तःप्रवाही खरपतवारनाशी है। ज़ेटो का प्रयोग घास कुल की खरपतवारों के लिए किया जाता है। इसके अवशोषण के बाद इसके तत्व पौधों में पत्तियों से जड़ों की ओर व निचले भागों से ऊपरी भागों में फैल कर पौधों की जैविक क्रियाओं द्वारा बन रहे फेटी एसिड को नहीं बनने देते है जिसके परिणामतः खरपतवार के पौधे पीले पड़ कर सूखने व नष्ट होने लगते हैं। इसका उपयोग खरपतवारों के उगने के पश्चात सेंफनर (मेफिनपायरी डाईमिथाइल) मिला कर गेहूँ, जौ की घास कुल की वार्षिक व बहुवार्षिक खरपतवारों के नियंत्रण में किया जाता है। चौड़ी पत्तियों वाली खरपतवारों के नियंत्रण हेतु इसका प्रयोग नहीं करना चाहिऐ।

उपयोग तालिका

प्रमुख फसलें नियंत्रित होने वाले खरपतवार मात्रा
(प्रति एकड़ )
विशेष
गेहूँ मंडूसी व जंगली जई 400 मि.ली. +200 ग्राम / मि.ली. सेफनर फसल बुआई के 30 से 35 दिन बाद 160 लीटर पानी में घोल कर फ्लेट फेन नॉजल के द्वारा करें।
जौ मंडूसी उपरोक्त  
धान (सीधी बुआई) स्वांक, स्वांकी, मकड़ा घास, खुड़ी धान, पेरा घास, बांदरी घास   

400 मि.ली.

फसल रोपाई के 20 से 25 दिन बाद समान रूप से फ्लेट फेन नोजल का प्रयोग करते हुए छिड़काव करें।
सोयाबीन स्वांक, स्वांकी,बांदरी घास, मकड़ा आदि 300 से 400 मि.ली. फसल की बिजाई के 10-12 दिन  बाद फ्लेट फेन नोजल का प्रयोगकरते हुए छिड़काव करें।
 

सावधानी - ज़ेटो के साथ मिला कर वीरकिल या मोटो का प्रयोग नहीं करे। यदि उक्त खरपतवार नाशियों का प्रयोग करना ही हो तो ज़ेटो के छिड़काव के कम से कम सात दिन बाद करे।

 

ज़ेटो से नियंत्रित होने वाली खरपतवारें

मंडूसी जंगली जई
   
   
उत्तम उत्पाद

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