पीछे

back
New Page 1

माह - जून

पौधों के नाम  कीट/ व्याधि हानि के लक्षण रोकथाम/नियंत्रण
अंगूर फली बीटिल

पत्तियों का हरा पदार्थ खाकर छोटे-छोटे छेद कर देती है।

डाइक्लोरवोस 76 ई०सी० 1 मि०लि० या नीम-आधारित कीटनाशक 2 से 2.5 मि०लि० या क्विनावीर 25 ई०सी० 1.5 मि०लि० प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

चेफर बीटिल

नरम पत्तियों को कुतर कर खाती है, जिससे छेद हो जाते है। यह बेर में भी हानि पहुँचाती है।

नीम-आधारित कीटनाशक 2-3 मि०लि० या मोनोवीर 36 एस.एल. 1 मि०लि० या कार्बारिल 50 डब्ल्यू०पी० 4 ग्राम प्रति लीटर में घोलकर छिड़कें।

पत्ती लपेटने वाली इलट

यह पत्तियों को लपेटकर अन्दर बैठकर पत्तों का हरा भाग खाती है।

नीम-आधारित कीटनाशक 2-3 मि०लि० या एण्डोवीर 35 ई०सी० या मेलाथियान 50 ई०सी० 1 मि०लि० या कार्बारिल 50 डब्ल्यू०पी० 4 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़कें।

छाछ्या / भभूतिया रोग

पत्तों पर सफ़ेद चूर्ण छा जाता है जिससे पत्ते सूख जाते है।

डायनोकेप 48.5% 1 मि०लि०या घुलनयुक्त सल्फर 2 ग्राम /ली. पानी में घोलकर छिड़कें।
 

तुलासिता रोग

पत्तियों की निचली सतह पर फफूंद लगती है तथा ऊपरी सतह पर गहरे भूरे धब्बे पड़ते है।

बेनोमिल 50 डब्ल्यू.पी 1 ग्राम या ट्राइडिमेफान 25 ई०सी०, 1 मि०लि० या कॉपर ऑंक्सी क्लोराइड 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़कें।
 

फल सड़न

फलों पर काले-काले धब्बे बनते हैं, जिससे फल सड़ जाते है।

ट्राइडिमेफान 25 ई०सी० एक मि०लि० या वीर एम-45 2 ग्राम या बेनोमिल 50 डब्ल्यू०पी० 1ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़कें।

बेर फल मक्खी

यह फलों में छेदकर फलों को ख़राब करती है।

40 ई०सी० या मोनोवीर 36 एस.एल. 1 मि०लि० या एण्डोवीर 35 ई०सी० 1.5 मि०लि० प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

नींबू नींबू की तितली

इसकी इलटें छोटी अवस्था में ही पत्तों को कुतर कर खाती हैं बाद में यह बहुत बड़ी होकर ज्यादा हानि पहुँचाती है।

नीम-आधारित कीटनाशक 2-3 मि०लि० अथवा उपरोक्त में से कोई भी कीटनाशक का छिड़काव प्रति लीटर पानी में करें।
 

केंकर रोग

पत्तियों, टहनियों एवं फलों पर भूरे धब्बे पड़ने से उपज व क्वालिटी दोनों कम हो जाती है।

250 मिलीग्राम कार्बेण्डाजिम 1 ग्राम अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 3 ग्राम का छिड़काव करें।

गमोसिस रोग

इसमें रोगग्रस्त भाग से गोंद जैसा पदार्थ निकलता है।

कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें एवं जिन-जिन स्थानों से गोंद निकल रहा हो वहाँ इसी का गाढ़ा लेप लगाएँ।

अस्वीकरण   | कॉपीराइट © 2011 चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लिमिटेड | सर्वश्रेष्ठ अवलोकन हेतू 1024 x 768 पर देखे