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माह - अप्रैल

 
फ़सल कीट/व्याधि हानि के लक्षण रोकथाम/नियंत्रण
जायद मूगंफली मांह/मोयला, तैला,सफेद मक्खी

यह सभी रस चूसने वाले कीट पत्तियों व कोमल भागों का रस चूसते है, जिससे फ़सल कमज़ोर हो जाती है।

रोकथाम हेतु मिथाइल पेराथियान 2 % या क्युनाफ़ॉस 1.5%, डस्ट 25 किलो प्रति हेक्टेअर भुरकाव करें। अथवा ऑक्सीडिमेटोन मिथाइल 1लीटर प्रति हेक्टेअर छिड़काव करें।

टिक्का रोग

पत्तियों पर भूरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं जो बाद में काले हो जाते हैं।

मेंकोजेब 1.5 किलो को 500-600 लीटर पानी में धोलकर प्रति हेक्टेअर छिड़कें।

पीलिया रोग

पत्तियॉ पीली पड़ने लग जाती है, जिससे बढ़ौत्तरी रुक जाती है।

सल्फ़्यूरिक एसिड का 0.1% (एक लीटर अम्ल को 1000 लीटर पानी में घोलकर) छिड़काव करें।

गन्ना

 

दीमक

यह टुकड़ों को तथा उगते हुये पौधों को खा जाती है।

 क्लोरपाइरीफ़ॉस 20 ई०सी० 4 लीटर प्रति हेक्टेअर देकर सिंचाई करें।

जड़ छेदक

यह जड़ों में छेद करके अंदर ही अंदर खाता हुया ऊपर की ओर बढता है, जिससे शीर्ष भाग सूख जाता है।

समय पर बुवाई वाले गन्ने में हानि नहीं होती। नियंत्रण हेतु मोनोक्रोटोफ़ॉस 36 एस एल 1 लीटर प्रति हेक्टेअर का छिड़काव करें।

पायरिल्ला

पंख वाले यह कीट पत्तियों का रस चूसते हैं, जिससे फ़सल कमज़ोर हो जाती हैं।

कार्बारिल 50% डब्ल्यू.पी. 2.5 किलो या क्यूनालफ़ॉस 25 ई०सी० या फार्मोथियान 50 ई०सी० या ऑक्सीडिमेटोन मिथाइल 25 ई०सी० एक लीटर प्रति हेक्टेअर का छिड़काव करें।

जायद मूंग, उड़द

 

मांहू / मोयला

ये कीट पत्तियों व कोमल भाग का रस चूसते हैं।

मेलाथियान 50 ई०सी० या डाइमेथोएट 30 ई०सी० 1 लीटर प्रति हेक्टेअर पानी में घोलकर छिड़कें।ᅠ

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