कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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धान

 9. 

 प्रश्न : धान की फ़सल में तना छेदक कीड़े से बचाव कैसे करें?

उत्तर : इस कीड़े का आक्रमण अन्य क़िस्मों की अपेक्षा बासमती क़िस्मों में अधिक देखा गया है। यह कीड़ा जुलाई से अक्तूबर तक हानि पहुँचाता है परन्तु सबसे अधिक हानि सितम्बर-अक्तूबर में होती है। बालियाँ निकलने से पहले आक्रमण होने पर पौधों की गोभ सूख जाती है जबकि बालियाँ निकलने के बाद आक्रमण होने पर पूरी बाल ही सूख जाती है। इन बालियों में दाने नहीं बनते और ऐसे पौधों की बालियाँ खेत में सीधी खड़ी एवं सफ़ेद नज़र आती हैं। इसकी समस्या होने पर 50 ई० सी० /मोनोक्रोटोफ़ॉस 36 एस० एल० (मोनोवीर) तथा ४० मी ली प्रति एकड़ में एमीदावीर या 1 लीटर क्लोरपाइरीफॉस 20 ई० सी० (क्लोरवीर) के रोपाई से 30, 50 या 70 दिन बाद 2 छिड़काव करें अथवा 7.5 किलोग्राम कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 4 जी० (वीर टाप पावर) को 10 किलो सूखी बालू (रेत) में मिलाकर पौधरोपण के 30 व 50 दिन बाद प्रति एकड़ फ़सल में डालें। ऐसा करने से तना छेदक के साथ ही पत्ता लपेट सूण्डी भी मर जाती है।

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