कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

खोजे :

में:

  
 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न प्रिंट अनुच्छेद पसंदीदा में जोड़ें अपने मित्र को भेजें
कपास

 32. 

 प्रश्न : कपास में पत्ती मरोड़ रोग के लक्षण व रोकथाम के बारे में जानकारी दें।

उत्तर : सबसे पहले ऊपर की कोमल पत्तियों पर इसका असर दिखाई देता है। छोटी नसें मोटी हो जाती हैं, पत्ता ज़्यादा हरा दिखाई पड़ता है, पत्तियाँ ऊपर की तरफ मुड़ कर कप जैसी आकृति की हो जाती है और कहीं-कहीं पर पत्तियों की निचली तरफ नसों पर पत्ती की आकार की बढ़ौत्तरी भी दिखाई देती है। ऐसे पौधे छोटे रह जाते हैं, इन पर फूल, कली व टिण्डे नही लगते, इनकी बढ़ौत्तरी एकदम रुक जाती है और इसका उपज पर बहुत विपरीत असर पड़ता है। यह रोग एक विषाणु द्वारा होता है। सफ़ेद मक्खी इस रोग को फैलाता है। बीज, ज़मीन या छूआछूत द्वारा यह रोग नहीं होता। जहाँ यह रोग ज़्यादा हो वहाँ देसी कपास बोई जाये क्योंकि देसी कपास में यह रोग नहीं लगता। बिजाई के बाद फ़सल की लगातार निगरानी बीमार पौधों को ढूंढने में सहायक होती है। बीमार पौधों को उखाड़ कर दबा दें या जला दें। कई प्रकार के खरपतवार भी इस रोग को फैलाने में सहायक होते हैं। इसलिए खेतों को, आसपास के क्षेत्रों को तथा नालियों आदि को बिल्कुल साफ़ रखना बहुत ज़रूरी है। भिण्डी पर भी यह रोग पाया जाता है। इसलिए जहाँ पर यह रोग लगता हो वहाँ पर भिण्डी की कास्त न करें।

पीछे जाएँ
अस्वीकरण   | कॉपीराइट © 2011 चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लिमिटेड | सर्वश्रेष्ठ अवलोकन हेतू 1024 x 768 पर देखे