कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

खोजे :

में:

  
 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न प्रिंट अनुच्छेद पसंदीदा में जोड़ें अपने मित्र को भेजें
गेहूं

 6. 

 प्रश्न : गेहूँ की चौड़ी पत्ते वाले खरपतवारों की रोकथाम के बारे में बतायें।

उत्तर : चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का 8 ग्राम प्रति एकड़ मोटो (मेटसल्फ्यूरान मिथाईल 20 प्रतिशत डब्ल्यु० पी० ) या 250 ग्राम प्रति एकड़ 2, 4-डी सोडियम साल्ट (80 प्रतिशत) या 300 मिलीलीटर प्रति एकड़ वीरकिल 2, 4-डी एस्टर (36 प्रतिशत) द्वारा सन्तोषजनक ढंग से नियन्त्रण किया जा सकता है। जंगली मटर, रस्सा/कंडाई और हिरणखुरी के नियन्त्रण के लिए 500 ग्राम प्रति एकड़ 2,4-डी सोडियम साल्ट (वीरकिल 80) या 600 मि० ली० लीटर प्रति एकड़ एस्टर (वीरकिल) का प्रयोग करें। उपर्युक्त रसायनों को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़कें। अच्छे परिणामों के लिए इनके छिड़कने का समय व दर अत्यन्त महत्वपूर्ण है। गेहूँ की बौनी क़िस्मों में बिजाई के बाद 30-35 दिनों के अन्दर-अन्दर छिड़काव करना चाहिए। यदि चना, सरसों या अन्य कोई चौड़ी पत्ती वाली फ़सल उगा रखी है तो 2,4-डी का प्रयोग बिल्कुल न करें। गेहूँ की एच० डी० 2009 तथा डब्ल्यु० एच० 283 क़िस्में 2,4-डी के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। अतः इस पर इसका छिड़काव न करें, नहीं तो विकलांगता आ जायेगी। अन्य क़िस्मों पर 2, 4-डी का बुरा प्रभाव नहीं है।

पीछे जाएँ
अस्वीकरण   | कॉपीराइट © 2011 चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लिमिटेड | सर्वश्रेष्ठ अवलोकन हेतू 1024 x 768 पर देखे