कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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मक्का

 4. 

 प्रश्न : मक्के की क़िस्मों के बारे में जानकारी दें।

उत्तर : गंगा संकर-5 : यह 95-100 दिन में पकती है। इस पर पत्तीमार व भूरी धारी वाले फफूंद रोगों का असर नहीं होता। इसके पौधे काफ़ी तगड़े व दर्मियानी ऊँचाई के होते हैं। इसके भुट्‌टे मोटे और बेलन जैसे आकार के होते हैं और दाने कुछ सख़्त व चमकदार, पीले व हल्के तथा गहरे नारंगी रंग के होते हैं। इसकी पैदावार 15 क्विंटल प्रति एकड़ है।

मिश्रित (कम्पोजिट) विजय मक्की : यह 95 से 100 दिन में पकती है। पौधे तगडे और लम्बे तथा पत्ते चौड़े और गहरे हरे रंग के होते हैं। यह लम्बी क़िस्म है जो गिरती नहीं। दाने औसत दर्जे से बडे होते हैं, रंग चमकता पीला व हल्का नारंगी होता है। पत्तीमार रोग का असर नहीं होता। इसकी औसत पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ है।

अगेती-76 : यह 85 से 88 दिन में पकती है। इसका तना मध्यम मोटाई का तथा मज़बूत होता है व इसके पत्ते रंग में विजय (कम्पोजिट) क़िस्म के मुकाबले अधिक गहरे हरे होते हैं। इसके भुट्‌टे लम्बे व बेलन के आकार के होते हैं। इसके दाने मध्यम, गोल व नारंगी रंग के होते हैं। यह बीमारियों व तना छेदक कीड़े के लिये रोधक क़िस्म है व इसकी औसत पैदावार 15 क्विंटल प्रति एकड़ है।

एच० एच० एम० -1 (536 x 295) : यह पीले दानों वाली संकर क़िस्म, दो क़िस्मों के क्रॉस से विकसित की गई है। यह 83-84 दिन में पकती है। इसके पौधे तगडे और मध्यम ऊँचाई वाले तथा पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं। इसके भुट्‌टे लम्बे और पूरे दाने से भरे तथा छिलका मज़बूती से लिपटा होता है। इसके दाने औसत दर्जे से बडे होते हैं। इस पर पत्तीमार रोग का असर नहीं होता। इसकी औसत पैदावार 21 क्विंटल प्रति एकड़ है।

एच० एच० एम० -2 (1352x 1344) : यह सफ़ेद दानों वाली संकर क़िस्म, दो क़िस्मों के क्रॉस से विकसित की गई है। यह 88 से 90 दिन में पकती है। इसका तना मोटा और मज़बूत तथा मध्यम ऊँचाई का होता है। इसके भुट्‌टे काफ़ी मोटे और दर्मियानी लम्बाई के तथा छिलका मज़बूती से लिपटा होता है। इसके दाने चमकदार और मोटे होते हैं। यह मुख्य बीमारी पत्तीमार के लिए रोधक क़िस्म है व इसकी औसत पैदावार 22 क्विंटल प्रति एकड़ है।



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