कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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गन्ना

 2. 

 प्रश्न : कभी-कभी पेडी (रेट्‌न) की फ़सल में पत्तियाँ सफ़ेद हो जाती है। इसका कारण व उपचार बताएँ।

उत्तर : सफ़ेद पत्तियाँ होना लोहे की कमी का लक्षण है। लोहे की कमी के कारण पत्तियों की शिराओं के साथ सफ़ेद रंग की धारियाँ बनती हैं, नई पत्तियों में हरापन कम होने लगता है और पत्तियाँ छूने पर कागज की तरह लगती है। नई पत्तियाँ बिल्कुल सफ़ेद निकलती है और पौधे की वृद्धि बिल्कुल बंद हो जाती है। जिन खेतों की ऊपरी मिट्‌टी हटा ली हो, मिट्‌टी का पी० एच० मान अधिक हो, मिट्‌टी में कैल्शियम कार्बोनेट अधिक हो अथवा उसमें कार्बनिक अंश कम हो तो ऐसे खेतों में लोहा कम उपलब्ध होता है। गर्मी में जब सिंचाई पर्याप्त मात्रा में न की जाए तो रेतीली व रेतीली दोमट मिट्‌टी में लगे पौधों पर लोहे की कमी के लक्षण आ जाते हैं। उपचार के लिए एक प्रतिशत फैरस सल्फ़ेट घोल के 2-3 छिड़काव 10-12 दिन के अन्तर पर करने से लोहे की कमी दूर की जा सकती है। फैरस रसायनों का मिट्‌टी में प्रयोग काफ़ी महंगा पड़ता है और इसका असर भी कुछ समय के लिए ही रहता है। अतः पत्तियों पर छिड़काव ही लाभदायक है। घोल में दो प्रतिशत यूरिया भी मिलाएँ। एक एकड़ में 200-250 लीटर घोल का छिड़काव करना पड़ेगा।

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