कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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गन्ना

 5. 

 प्रश्न : गन्ना फ़सल में खरपतवार नियन्त्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दें।

उत्तर : खरपतवारों की खरपतवारनाशकों द्वारा रोकथाम के लिए 1.6 किलोग्राम सीमाजीन-50 घुलनशील पावडर प्रति एकड़ 250-300 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 2-3 दिन बाद छिड़काव करना चाहिए। कभी-कभी मोथा और दूब फ़सल में बढ़ जाते हैं जिनके लिए प्रायः सिंचाई के बाद हाथ या बैलों द्वारा चलने वाले यंत्र से गुडाई करनी आवश्यक है। जब फ़सल पूरी तरह उग आती है उस समय दो बार 2, 4-डी (वीरकिल) छिड़का जा सकता है-पहले एक किलो 2,4-डी (80% सोडियम साल्ट) 250 लीटर पानी में बिजाई के 3 सप्ताह बाद प्रति एकड़ छिड़कें व दूसरी बार यही छिड़काव फ़सल में मिट्‌टी चढाने के दो सप्ताह बाद। इस प्रकार हाथों और रसायनों द्वारा चौड़ी पत्ती वाले घास-फूस एवं घास की रोकथाम की जा सकती है। दूब और बरू के लिए डेलापोन के 0.5 प्रतिशत के घोल से 15 से 20 दिन के अन्तराल पर तीन छिड़काव करें। पहला छिड़काव बिजाई के 45 दिन के आसपास या जब दूब खेत में अच्छी तरह फैल जाए तब करना चाहिए। ध्यान रहे दवा गन्ने के पौधों पर नहीं पड़नी चाहिए। यदि फ़सल में मोथा घास की समस्या हो तो घास उगने पर 2,4-डी ईस्टर (वीरकिल) का 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। यदि मोथा घास दोबारा उग जाए तो दवाई की इसी मात्रा का फ़सल में छिड़काव करें। 2,4-डी मोथा घास को ऊपर से ही नष्ट करता है।

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