कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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मिट्टी, पानी, खाद

 11. 

 प्रश्न : कल्लर भूमि कितने प्रकार की होती है?

उत्तर : कल्लर भूमि तीन प्रकार की होती है - 1. लवणीय (रेही) : इनमें नमक मात्रा के कारण भूमि के संतृप्त निष्कर्ष की विद्युत चालकता 4.0 डेसी साइमन प्रति मी० से अधिक होती है जबकि विनिमयशील सोडियम 15 प्रतिशत से कम होता है। खारी अंग (पी० एच० ) 8.5 से प्रायः कम ही होता है। इनमें सोडियम के क्लोराइड और सल्फ़ेट नमक की अधिकता होती है। इसमें पानी आसानी से रिसकर नीचे चला जाता है। 2. क्षारीय (ऊसर) : इनमें नमक की मात्रा कम होती है (सन्तृप्त निष्कर्ष की विद्युत चालकता 4.0 डेसीसाइमन प्रति मी० से कम) व खारी अंग (पी० एच० ) प्रायः 8.5 से अधिक होता है। पानी के रिसने की क्षमता एकदम घट जाती है और भूमि सख़्त हो जाती है। इसमें सोडियम कार्बोनेट और बाईकार्बोनेट की अधिकता होती है। विनिमयशील सोडियम 15 प्रतिशत से अधिक होता है। 3. लवणीय व क्षारीय : नमक की मात्रा तो लवणीय भूमि की तरह ही होती है साथ में विनिमयशील सोडियम भी क्षारीय भूमि की तरह होता है। खारी अंग (पी० एच० ) भी 8.5 से अधिक होता है। भूमि सख़्त होती है व इसमें पानी रिसने की क्षमता घट जाती है। उपर्युक्त दोनों भूमियों में जिस प्रकार के नमक होते हैं इसमें भी वही होते हैं। सुधार की दृष्टि से भूमि को दो श्रेणियों में ही रखा जाता है। पहली लवणीय दूसरी क्षारीय। जो तीसरी श्रेणी की भूमि है वह सुधार की दृष्टि से दूसरी श्रेणी में ही आती है।

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