कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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धान

 5. 

 प्रश्न : धान की अधिक उपज देने वाली बौनी क़िस्मों व बासमती क़िस्मों में विभिन्न उर्वरकों की मात्रा कब व कैसे प्रयोग करें? *

उत्तर : मिट्टी की जाँच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग ठीक रहता है। यदि ऐसा न करवा पाएँ तो धान की अधिक उपज देने वाली बौनी क़िस्मों व बासमती क़िस्मों में उर्वरक निम्नलिखित तालिका के अनुसार प्रयोग करें -

क़िस्में

उर्वरक की मात्रा (कि० ग्रा० /एकड़)

उत्तमवीर

उत्तम सिंगल सुपर

उत्तम म्यूरेट ऑफ

उत्तम

यूरिया

फ़ॉस्फ़ेट

पोटाश

ज़िंक सल्फ़ेट

-21.00%

बौनी क़िस्में

130

150

40

10

मध्यम अवधि

(140 दिन से अधिक)

कम अवधि (120 दिन तक)

105

150

40

10

बासमती

लम्बी क़िस्में

50

75

20

10

बौनी क़िस्में

80

75

20

10

बौनी क़िस्मों के लिए सुपर फ़ॉस्फ़ेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश व ज़िंक सल्फ़ेट की पूरी मात्रा व यूरिया की 1/3 मात्रा गारा बनाने से पहले पोर देनी चाहिए। यूरिया की शेष मात्रा को दो बराबर भागों में रोपाई के 3 व 6 सप्ताह बाद प्रयोग करें। बासमती धान की बौनी क़िस्मों में सुपर फ़ॉस्फ़ेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश व ज़िंक सल्फ़ेट की पूरी मात्रा व यूरिया की एक-तिहाई मात्रा गारा बनाने से पहले पोर देनी चाहिए। यूरिया की शेष मात्रा रोपाई के 3 व 6 सप्ताह बाद बराबर भागों में बाँट कर प्रयोग करें। बासमती की लम्बी क़िस्मों में सुपर फ़ॉस्फ़ेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश व ज़िंक सल्फ़ेट की पूरी मात्रा गारा बनाने से पहले पोर दें। यूरिया की मात्रा को दो बराबर भागों में बाँट कर रोपाई के 3 व 6 सप्ताह बाद डालें। यूरिया प्रयोग करते समय खेत में पानी न खड़ा हो। अच्छा यह होगा कि खड़ी फ़सल में यूरिया का सायंकाल प्रयोग करें।



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