कृषि समस्याएं और सुझाव

प्रस्तुत प्रश्नोत्तरी किसानो द्वारा पूछे गये प्रश्नों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिये गये उत्तरों पर आधारित एक उपयोगी संकलन है । इस प्रश्नोत्तरी में दी गई जानकारी , कृषि एवं कृषि आधारित समस्याओं का समाधान करने में कारगर साबित हो सकती है ।

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मिट्टी, पानी, खाद

 12. 

 प्रश्न : मिट्टी परीक्षण के उद्‌देश्य एवं जाँच शुल्क के संबन्ध में जानकारी दें।

उत्तर : मिट्टी परीक्षण के उद्‌देश्य

1. मिट्टी की उर्वरा शक्ति की जाँच करके फ़सल एवम्‌क़िस्म विशेष के लिए पोषक तत्वों की सन्तुलित मात्रा की सिफ़ारिश करना तथा यह मार्गदर्शन करना कि उर्वरक एवम्‌खाद कब और कैसे डालें।

2. मिट्टी में लवणता, क्षारीयता तथा अम्लीयता की समस्या की पहचान एवम्‌जाँच के आधार पर भूमि सुधारकों की मात्रा एवम्‌प्रकार की सिफ़ारिश कर इन जमीनों को फिर से कृषि योग्य बनाने में मिट्टी परीक्षण का महत्वपूर्ण योगदान है।

3. मिट्टी के भौतिक एवम्‌रासायनिक गुण फ़सल उत्पादन को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि मिट्टी की पी० एच० सामान्य से ज़्यादा है तो उसमें दाल वाली फसलें तथा दूसरी कई सब्जियों की उत्पादन क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ऐसी अवस्था में इन फ़सलों की सिफ़ारिश उन खेतों में नहीं की सकती। अतः मिट्टी परीक्षण के आधार पर ज़मीन के गुणों के अनुसार ही उपयुक्त फ़सलों की सिफ़ारिश की जाती है।

4. फलों के बाग लगाने के लिए भूमि की उपयुक्तता का पता लगाना।

5. किसी गांव, विकास खण्ड, तहसील, जिला, राज्य की मृदाओं की उर्वरा शक्ति को मानचित्र पर प्रदर्शित करना तथा उर्वरकों की आवश्यकता का पता लगाना। इस प्रकार की सूचना उर्वरक निर्माण, वितरण एवं उपयोग में सहायक होती हैं।

1. पी० एच० , विद्युत चालकता, जैविक कार्बन, फ़ॉस्फ़रस व पोटाश उत्तम बंधन के सदस्यों के लिए निःशुल्क सामान्य किसान (जो उत्तम बंधन के सदस्य नहीं हैं) रू० 25/-

2. सूक्ष्म तत्व (जस्ता, लोहा, तांबा व मैंग्नीज) रू० 35/-

3. कैल्शियम कार्बोनेट प्रतिशत रू० 60/-

4. सल्फर रू० 35/-

5. पानी परीक्षण रू० 50/-

6. प्लांट संप्ल  रू० 400/-



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